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लेखनी कहानी -08-Jun-2022

                विषय:- गाॅव 🏡🏡


     एक ही आशरा था , एक ही आशियाना था ।
   छोड़ कर चल दिये सब,  शहरो मे खजाना था ।।
 
  चलो अब चलते है ,कोरोना ने भगाया था ।
आ गया दिन ऐसा , कभी लगा गाॅव मे घर अपना था ।।

  कमाने की होड मे छोड़ा , माॅ बाप को था।
लाकडाउन ने फिर भेजा ,उनको उसी माॅ बाप के पास था ।।

किस भेष मे आये कोरोना , डरता पूरा गाॅव था ।।
इसलिए गाॅव वालो ने शहर वालो को, रखा क्वारन्टिन मे था ।।


       ~~ रबिना विश्वकर्मा
      उ•प्र• (जौनपुर) 222128

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5 Comments

Seema Priyadarshini sahay

11-Jun-2022 05:49 PM

बेहतरीन

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Swati chourasia

09-Jun-2022 10:39 AM

बहुत खूब 👌

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Renu

08-Jun-2022 11:39 PM

👍👍

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